मेरी अयोध्या धाम यात्रा

राम मंदिर अयोध्या दर्शन
दिनांक 29-01-2024 से 01-02-2024
""आस्था स्पेशल रेल""
जोधपुर से अयोध्या
दिनांक 29-01-2024 को जोधपुर रेलवे स्टेशन से रवानगी
जोधपुर रेलवे स्टेशन पर रेल प्रशासन ओर रेलवे, जीआरपी पुलिस द्वार राम भक्तों के लिए ग्रीन कॉरीडोर की शानदार जबरदस्त व्यवस्था की गई।
रेल प्रशासन ओर रेलवे पुलिस द्वारा राम भक्तों पर पुष्प वर्षा की भी शानदार जबरदस्त व्यवस्था की गई थी ।
जोधपुर रवानगी के बाद आस्था रेल अयोध्या तक वीवीआईपी रेल की तरह चली ओर पुरी यात्रा के दोरान चाय,पानी,अल्पाहार ओर दोनों समय भोजन की शानदार जबरदस्त व्यवस्था के साथ साथ सुरक्षा की भी शानदार जबरदस्त व्यवस्था रही।

जोधपुर से अयोध्या जी यात्रा लगभग 30 घंटे की थी और यह 30 घंटे कब बीत गए पता ही नहीं चला क्योंकि जहां पर भी रेल रूकती वहां पर ढोल थाली पुष्प वर्षा मालाओं से स्वागत जयकारे होते और पूरे रास्ते में राम भक्तों द्वारा विभिन्न माध्यमों के द्वारा भजन कीर्तन नृत्य गायन चलता रहा कब यह सफर जोधपुर से अयोध्या और अयोध्या जी से जोधपुर पूरा हुआ पता भी नहीं चला और यात्रा की जो थकावट होती है वह तो महसूस भी नहीं हुई और  सरयु जी मे स्नान‌ रामलाल और हनुमानगढ़ी में दर्शन करके एक नई स्पुर्ति शरीर में आ गई जो अविस्मरणीय है।

अयोध्या पहुँचने पर अयोध्या रेल प्रशासन ओर रेलवे पुलिस द्वार ग्रीन कॉरीडोर बनाकर बैंड बाजे के साथ शानदार स्वागत करने के बाद अयोध्या तीर्थ क्षेत्र टिन सिटी में प्रवेश करवाया गया|
अयोध्या तीर्थ क्षेत्र टिन सिटी में संगठन की शानदार आवास व्यवस्था,  गर्म पानी,चाय अल्पाहार ओर भोजन की शानदार व्यवस्था रही । तीर्थ क्षेत्र पुरम की जो व्यवस्था थी उसकी व्याख्या करना बहुत कठिन है क्योंकि वहां पर भक्तों के लिए एक टेलीफोन टावर एक  विधुत ट्रांसफार्मर पीने योग्य पानी का संग्रहण सीवरेज की माकूल व्यवस्था थी जो ट्रस्ट और संगठन की सुव्यवस्थित अनुशासित प्रबंधन का एक सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।

अयोध्या रेलवे स्टेशन से राम मंदिर, हनुमान गढी होते हुऐ सरयु घाट तक भारत सरकार ओर उत्तर प्रदेश प्रशासन, NSG कमांडो, सिआरपी पुलिस, युपी पुलिस ओर पीएसी की शानदार जबरदस्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ उन सभी का सर्द वालों के प्रति करुणा ए सौम्य व्यवहार अनुकरणीय है।
अयोध्या राम मन्दिर सरयू घाट कॉरीडोर पर स्थानीय दुकानदारो सहित सर्व सनातन समाज भी राम भक्तों के स्वागत के लिए पलक पावडे़ से स्वागत कर रहे थे|
शाम को सरयू स्नान  और मा सययु की आरती के बाद  वहां पर निर्मित कृत्रिम नदी तट पर भव्य लेजर लाइट और भक्ति में संगीत से मन प्रफुल्लित और मंत्र मुक्त हो गया फिर वहां से लता मंगेशकर चौराहे होते हुए मुख्य बाजार का जो मनोरम दृश्य था वह अविस्मरणीय है
रात्री विश्राम टिन सिटी तीर्थ क्षेत्र अयोध्या में रहा।
सुबह जागरण के पश्चात गर्म पानी चाय ओर नहाने के लिए भी गर्म पानी की शानदार व्यवस्था थी ।
सुबह  राम मन्दिर दर्शन के जब मंदिर कॉरिडोर से होते हुए मंदिर परिसर में कदम रखा तो जो भक्ति में वातावरण था उससे मन प्रफुल्लित हो गया और रास्ते में जाते समय मन में प्रभु श्री राम लाल की जो अमित छवि स्थापित हो चुकी थी उसके दर्शन बार-बार हो रहे थे जैसे-जैसे रास्ता कम हो रहा था वैसे-वैसे भावनाओं का ज्वार उग्र और उग्र होता जा रहा था जब मंदिर की सीढ़िया पर पहला कदम रखा तो वहां पर साष्टांग दंडवत करते  हुए मां बाहुक हो गया और जो चाकसूओं में साफ दिखाई दे रहा था यह दृश्य देखकर वहां उपस्थित सुरक्षा कर्मी ने शांत होना दी और आराम से दर्शन लाभ लेने को कहा बाद में वहां पर जयकारों से मंदिर का गुंबद गूंज मन हो गया और उसके बाद में चंचल मन की मनोवृत्ति पश्चात छायाचित्र लेने का सिलसिला चल पड़ा जो वापसी तक चलता रहा बाद मेअयोध्या कारसेवपुरम, राम मन्दिर कार्यशाला के दर्शन  साथ उसे गाली और उसे घर में जाने का सौभाग्य मिला वहां की मिट्टी को नतमस्तक करने का सौभाग्य मिला जहां पर कर सेवकों पर निशाना बना बनाकर गोलियां चलाई गई थी और वह गली कर सेवकों के रक्त से रंजीत हो गई थी यह दृश्य जब मन मस्तिक की पटल पर संजीव हुआ तब शरीर में रोम रोम में एक ऊर्जा का संचार हुआ  तत्पश्चात  स्थानीय अयोध्या जी  दर्शन के बाद तीर्थ क्षेत्र पुरम की ओर प्रस्थान किया एवं सांय 8 बजे रात्री भोजन के पश्चात वापस जोधपुर के लिए प्रस्थान किया ।
अयोध्या तीर्थ क्षेत्र टिन सिटी में संगठन की शानदार व्यवस्था के लिए लिखने के लिए शब्द नहीं मिल रहे है|तीर्थ क्षेत्र टिन सिटी से रेलवे स्टेशन तक स्थानीय प्रशासन ओर रेलवे प्रशासन ओर रेलवे पुलिस की शानदार व्यवस्था थी
रात्री 10 बजे अयोध्या रेलवे स्टेशन से आस्था रेल जोधपुर के लिए रवाना हुई।
रात्रि में आस्था रेल के राम भक्तों के लिए रेलवे प्रशासन ओर रेलवे पुलिस की शानदार व्यवस्था थी
जोधपुर में रात्री 1:40 पहुँचने पर भी रेलवे प्रशासन ओर रेलवे पुलिस की शानदार व्यवस्था| सभी रामभक्त परिवार जनो द्वारा माल्यार्पण और ढोल थाली की मधुर ध्वनी से स्वागत ।
हमारे पूर्वजो का 500 वर्षो का संघर्ष, हमारी 8-10 पिढिया राम मन्दिर के लिए संघर्ष करते हुए राम में समा गई।
"असंख्य साधु-संतो की तपस्या ओर लाखो कारसेवकों के बलिदान के बाद भव्य ओर दिव्य राम लला का मन्दिर" की स्थापना हुई।
एक बार पुनः भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, रेल मंत्रालय, रेलवे प्रशासन, रेलवे ओर जीआरपी पुलिस ओर संगठन का हृदय तल की गहराइयों से साधुवाद|

जय श्री सीताराम 

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