मेरी दृष्टि से तीर्थ क्षैत्रपुरम

आस्था स्पेशल रेल के द्वारा आने वाले और दूसरे वीवीआईपी तीर्थ यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में मणी पर्वत के निकट पुराना बाग बीजेसी में तीर्थ क्षेत्र पुरम की व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट और संघ संगठन द्वारा की गई है जो दिखने में बहुत ही भव्य और सुव्यवस्थित प्रतीत हो रही है।

रेलवे स्टेशन से मात्र 500 मीटर की दूरी पर इसका निर्माण किया गया है आवागमन के लिए रेलवे स्टेशन और तीर्थ क्षेत्र पुरम के मध्य में नवीन सड़क का निर्माण किया गया है जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े और वहां पर आवागमन के लिए ई-रिक्शा की समुचित व्यवस्था की गई है

यदि परिसर की बात करें तो यहां पर एक बार में एक समय में लगभग 8000 श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था की गई है। वाहन पार्किंग की बात करें तो 300 चार पहिया वाहन के साथ दोपहिया वाहनों के पार्किंग की सु व्यवस्थित रूप से व्यवस्था की गई है।पूरे पंडाल को 6 नगरो में विभाजित किया गया हैइन नगरों का नामकरण मंदिर आंदोलन में जीवन खपाने वाले महापुरुषों के नाम पर किया गया परमहंस रामचंद्र दास, गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ, बाबा राम अभिलाष दास, वामदेव जी महाराज, वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मोरोपंत पिंगले और ओंकार भावे के नाम पर नगरों के नाम हैं। प्रशासनिक भवन क्षेत्र को अशोक सिंहल परिसर नाम दिया गया है। केंद्रीय प्रसारण के अलावा हर नगर का अपना सूचना प्रसारण केंद्र है , ताकि भोजन जलपान के लिए बुलाया जा सके ओर उस पर भजन ओर सुभाषिताम अमृत वचनो का वाचन होता रहता है ओर पुस्तकों का स्टाल भी लगाया गया है। बीएसएनएल, एयरटेल और जियो को मोबाइल टावर के लिए जगह आवंटित की गई है। दो गाड़ियों से लैस नलकूप तीन तीन हजार लीटर के वाटर टैंक के साथ प्रत्येक नगर के लिए 12000 लीटर पानी की व्यवस्था की गई है और फायर स्टेशन की व्यवस्था की गई है जहां पर दो वाहन‌ भी उपस्थित है। बिजली आपूर्ति के लिए पुरम में तीन ट्रांसफार्मर ओर साइलेंट जनरेटर भी लगाये गये है । चिकित्सा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पंडाल में एक चिकित्सा कक्ष बनाया गया है जहां पर एक डॉक्टर की टीम जिसमें नर्सिंग कर्मी और सहकर्मी के साथ आवश्यक दवाइयां की व्यवस्था भी की गई है।

सुरक्षा की दृष्टि से परिसर के चारों तरफ पांच फीट की दीवार का निर्माण किया गया है और तीर्थ क्षेत्र पुरम में प्रवेश द्वार पर एक चेक पोस्ट बनाई गई है जहां पर सुरक्षा के मापदंडों के आधार पर जांच पर कर ही किसी भी श्रद्धालुओं को अंदर प्रवेश दिया जा रहा है और परिसर के अंदर हर समय एक सुनिश्चित मात्रा में पुलिस कर्मियों की उपस्थित सुरक्षा की दृष्टि से रखी गई है।

परिसर को स्वच्छ रखने के लिए जगह-जगह पर संदेश लगाए गए हैं साथ में कूड़ा पात्र रखे गए हैं और हर समय वहां पर एक निश्चित संख्या में सफाई कर्मी की तैनाती है जिस कारण से वहां पर सफाई की उत्तम व्यवस्था है।

अंत मैं यही कहना चाहूंगा कि तीर्थ क्षेत्र पुरम की संपूर्ण व्यवस्था मे मंदिर ट्रस्ट और संगठन की सुव्यवस्थित और अनुशासन युक्त प्रबंधन अनुकरणीय अविस्मरणीय है।


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