संकल्प से सिद्धि सुनो मैंने वादा पूरा कर दिया

याद होंगे आपको देहरादून के शहीद मेजर विभूति ढौंडियाल और उनकी पत्नी निकिता कौल। पति की अंतिम यात्रा पर निकिता ने पति को आई लव यू कहकर विदा किया था। पति की मौत के बाद निकिता का एक एक पल बेहद मुश्किल था। लेकिन पति के अंतिम समय में किया वादा कि वो भी सेना में अफसर बनेंगी निकिता के कानों में गूंज रहा था। निकिता ने उस वादे को याद रखा और आर्मी में जाने की तैयारी करने लगीं। निकिता ने हाल ही में शॉ‍र्ट सेलेक्शन कमीशन की परीक्षा और इंटरव्यू पास कर लिया है। जल्द ही वो आर्मी अफसर कहलाएंगी।
शहीद पति से किया वादा निभाया
मूल रूप से कश्मीर की रहने वाली निकिता कौल और शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंढियाल ने लव मैरिज की थी।
पहली बार फेसबुक पर हुई मुलाकात और बातों का सिलसिला चल पड़ा. कुछ दिन होने के पश्चात दोनों मिले और मिलने का सिलसिला चल पड़ा मुलाकाते प्यार में बदल गई दोनों ने एक दूसरे के साथ पूरा जीवन बिताने का निर्णय लिया जल्द ही बात आगे बढ़ी और 2018 में दोनों शादी के बंधन में बंध गए.
दोनों की जिंदगी मे हंसी खुशी नजर आ रही तभी मानो उनकी खुशियों को किसी की नजर लग गई और पुलवामा आतंकी हमला हो गया देश के 40 वीर जवान शहीद हो गए इस हमले ने पूरे देश को सन्न दिया पूरे देश में दुख का माहौल छा गया पति सेना में मेजर थे तो उन्हें भी अपने साथियों को खोने का बहोत दुःख हुआ. वह निकल पड़े अपने साथियों की शहादत का बदला लेने के लिए शादी के 10 महीने बाद ही मेजर साहब अपने साथियों पर हमला करने वाले कायर आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए
10 महिने पहले दुल्हन बनी उस महिला के सपने पल भर में बिखर गए, लेकिन उसने हार नहीं मानी. अपने पति की आखिरी विदाई में अपने पति की मृत देह से वादा किया की एक दिन मैं भी सेना में जाऊंगी. और अब वो भारतीय सेना ज्वाइन कर रही हैं। मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करने वाली निकिता दिल्ली में अपने माता-पिता के पास रखकर आर्मी में जाने की तैयारी में जुट गईं थीं। पिछले साल सिंतबर में उनको परीक्षा का फॉर्म भरा था। जब वो परीक्षा हाल में बैंठी तो उनकी नजरों के सामने मेजर विभूति आ गए और उन्हें ख्याल आया कि उनके पति ने भी ऐसे ही परीक्षा दी होगी। कड़ी मेहनत से तैयारी की और परीक्षा पास भी की।

आसान नहीं था सदमे से बाहर आना
निकिता के लिए फिर से सामान्य जीवन में लौट पाना इतना आसान नहीं था। लेकिन सदमे से बाहर तो निकलना था। निकिता खुद को व्यस्त रखने के लिए पति की मौत के 15 दिन बाद ही ऑफिस जाने लगी थीं। उस दौर में सकारात्मकता तलाश करके फिर खुद को खड़ा कर पाना बहुत मुश्क‍िल है। निकिता के लिए साल बेहद भारी बीता। लेकिन वो खुद को संभालती रहीं। सेना में जाने का मकसद इतना था कि पति से वादा किया है और पति की तरह की देश की सेवा कर इस जख्म को भरना है।

वैसे तो 29 मई को ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी की पासिंग आउट परेड मैं कई कैडेट्स भारतीय सेना की यूनिफॉर्म में देश की सेवा का वचन ले रहे थे, लेकिन हर किसी की नजर उस समय लेफ्टिनेंट नीतिका कौल ढौंढियाल पर थी. जो यूनिफार्म कभी उनके पति की शान हुआ करती थी वही यूनिफार्म पहन जब नीतिका कौल ने देश सेवा की शपथ ली तो सभी की आंखें नम हो गई. निकिता कौल पर आज पूरा देश गर्व कर रहा है. निकिता कोल आज महिला सशक्तिकरण की मिसाल है निकिता कौल आज लेफ्टिनेंट निकिता कौल बन चुकी है कारगिल वॉर हीरो लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी ने खुद अपने हाथों से लेफ्टिनेंट निकिता के कंधों पर सितारे सजाए. लेफ्टिनेंट जनरल वीके जोशी का कहना है कि उन्हें आज गर्व हो रहा है. साथ ही उन्होंने लेफ्टिनेंट निकिता का सेना में स्वागत किया. लेफ्टिनेंट निकिता का कहना है कि एसएससी की परीक्षा पास करना उनके लिए एक बहुत इमोशनल पल था. निकिता कहती है कि वह कोई बेचारी नहीं है बल्कि एक बहादुर शहीद सैनिक की पत्नी है और उन्हें अपने पति की शहादत पर गर्व है. बता दें कि मेजर ढोडयाल को देश के लिए सर्वोच्च बलिदान के लिए 2019 मे शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था. इसके बाद ही निकिता ने भारतीय सेना में शामिल होने का संकल्प लिया वाकई आज लेफ्टिनेंट निकिता देशवासियों के सामने हिम्मत व जज्बे कि जागती हुईं मिसाल है.

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